किसान–प्रशासन संवाद का सेतु बना किसान दिवस, योजनाओं की जमीनी हकीकत पर मंथन।
डोईवाला में विभागीय स्टालों पर किसानों की समस्याएं सुनी गईं, समाधान का दिया भरोसा।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
किसानों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने और योजनाओं को जमीन पर उतारने के उद्देश्य से विकासखंड डोईवाला में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम किसानों के लिए संवाद और समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय किसान दिवस का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने आधुनिक खेती, लागत घटाने और आय बढ़ाने पर सरकार के निरंतर प्रयासों की जानकारी दी।
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि किसान दिवस जैसे कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा तय करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता खेती को मजबूत कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि किसानों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की जानकारी मिलना बड़ी सुविधा है। इससे किसानों का समय बचता है और समस्याओं के त्वरित समाधान की राह खुलती है।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक गिरी ने बताया कि किसान दिवस के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य, उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और संरक्षण आधारित खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचे।
कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, गन्ना विभाग सहित अन्य विभागों के स्टालों पर किसानों ने योजनाओं की जानकारी ली और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
इस अवसर पर सहायक ब्लॉक प्रभारी अजय टम्टा, उद्यान अधिकारी श्वेता चौहान, प्रियंका थपलियाल, सोनिका चौहान, डी.एस. असवाल, शेर सिंह, सुनील चंद, पूरन पांडेय सहित अनेक अधिकारी और किसान मौजूद रहे।



