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लॉ यूनिवर्सिटी की भूमि बचाने और सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने किया सांकेतिक धरना प्रदर्शन।

2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किया था विधि महाविद्यालय का शिलान्यास।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (लॉ यूनिवर्सिटी) के लिए चिन्हित भूमि को किसी अन्य उद्देश्य के लिए आवंटित किए जाने के विरोध में क्षेत्र में सांकेतिक धरना एवं प्रदर्शन किया गया। आयोजित धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया और सरकार से पूर्व में लिए गए निर्णय को लागू करने की मांग की

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह भूमि लंबे समय से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे किसी अन्य संस्था को आवंटित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जो क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।

भाजपा के किसान मोर्चा के गढ़वाल सहसंयोजक अरुण शर्मा ने कहा कि वर्ष 2018 में हरिद्वार के सांसद ने मुख्यमंत्री रहते हुए इसी भूमि पर लॉ कॉलेज के निर्माण का शिलान्यास किया था।
कहा कि यह भूमि विधि शिक्षा के लिए ही उपयोग में लाई जाएगी, लेकिन अब निर्णय बदलकर भूमि किसी अन्य को दी जा रही है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रधान संगठन अनूप चौहान और लिस्ट्राबाद प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार और विकास को नई दिशा मिलती। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों में कहा कि भूमि आवंटन का फैसला वापस होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

सांकेतिक धरना में आनन्द रावत प्रधान,चांद खान ,दीपक रावत,संदीप भट्ट,विक्रम भंडारी , नितिन पंवार,मनोज भट्ट, सतीश सेमवाल,सुनील यादव ,पंकज यादव,रवि राम कुमार, सुशील ठाकुर ,वेदप्रकाश पैन्यूली, रविंद्र बिष्ट अन्य सैकड़ों क्षेत्रवासी महिलाओं सहित उपस्थित रहे।

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