यूरेका फोर्ब्स में श्रमिक शोषण का आरोप, डोईवाला में दिया सांकेतिक धरना।
सेवा समाप्ति और वेतन विसंगति के विरोध में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
लालतप्पड़ स्थित यूरेका फोर्ब्स कंपनी में श्रमिकों के कथित शोषण और जबरन सेवा समाप्ति के विरोध में बुधवार को सैकड़ों स्थानीय श्रमिकों ने अपने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी कार्यालय डोईवाला में सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर श्रमिकों ने न्याय की मांग की।
श्रमिकों ने बताया कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से संविदाकार के माध्यम से कंपनी में कार्यरत थे। उनसे लगातार कुशल श्रेणी का कार्य कराया गया, लेकिन वेतन अकुशल श्रेणी का दिया गया। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रमिकों के हितलाभों में अनियमितताएं की गईं और उत्पीड़नात्मक रवैया अपनाते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। श्रमिकों का कहना है कि श्रम विभाग द्वारा शिकायत की पुष्टि होने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने वैधानिक मांगों पर कोई वार्ता नहीं की, बल्कि नियमों के विपरीत बाहरी श्रमिकों से काम शुरू करा दिया गया।
सभासद एवं श्रमिक नेता संदीप सिंह नेगी ने कहा कि वर्षों से कंपनी को सेवा दे रहे स्थानीय श्रमिकों के साथ अन्याय किया गया है। जब तक श्रमिकों को उनका हक नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
माजरी ग्रांट ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मंगल सिंह ने कहा कि कंपनी प्रबंधन श्रम कानूनों की अनदेखी कर रहा है। प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर श्रमिकों को न्याय दिलाना चाहिए।
तहसील परिसर में ज्ञापन सौंपने के बाद सभी श्रमिक लालतप्पड़ स्थित धरना स्थल पर पहुंचे, जहां कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।
धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे जॉलीग्रांट वार्ड–4 सभासद अरुण सोलंकी, कालूवाला के पूर्व प्रधान एवं वर्तमान बीडीसी पंकज रावत, बड़ोंवाला ग्राम प्रधान भारत नेगी, कानहरवाला सभासद प्रतिनिधि हिमांशु राणा, जॉलीग्रांट सभासद प्रतिनिधि विनीत मनवाल के अलावा श्रमिक नेता पवन नेगी, ऋषिपाल रावत, विमल सिंह प्रकाश, पवन कुमार, त्रिलोक सिंह भंडारी, मुकेश नौटियाल, मुकेश कुमार, अनिल, चंद्र किशोर, दीपक, अमित सिंह सहित सैकड़ों श्रमिक धरना प्रदर्शन में मौजूद रहे।



