भूमि आवंटन के विरोध में दूसरे दिन भी धरना जारी, ग्रामीण और पेंशनर्स शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय की जमीन बचाने की मांग की।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय भट्टनगरी, रानी पोखरी की भूमि को किसी अन्य को आवंटित किए जाने के विरोध में लिस्ट्राबाद ग्राम पंचायत में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या जुटी रही।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि यह आंदोलन केवल आज की पीढ़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के शिक्षा के अधिकार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में विश्वविद्यालय की भूमि को किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि मार्च 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा भट्ट नगरी, रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया था। भूमि को किसी अन्य को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष है।
धरना प्रदर्शन को दूसरे दिन राजकीय पेंशनर्स शिक्षक संघ का भी समर्थन मिला। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कृषाली ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जैसी उच्च शिक्षा की नींव केवल इमारत या जमीन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और क्षेत्र की प्रगति का प्रतीक है। इस भूमि को किसी और के लिए नहीं खोने दिया जाएगा। शिक्षक समाज इस आंदोलन के साथ पूरी ताकत से खड़ा है। हम सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां शिक्षित और सशक्त बन सकें।
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
धरना प्रदर्शन में गढ़वाल सहसंयोजक भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा अरुण शर्मा,अनूप चौहान, संदीप भट्ट,सतीश सेमवाल, सुनील यादव, संजय असवाल, नवीन चौधरी, रौनक भट्ट, पंकज यादव, पुष्पराज बहुगुणा, अरुण रावत, मोहन सिंह बिष्ट,गब्बर रावत,आलोक शर्मा, दौलत राम, प्रीति,मोनिका,सुरभि देवी, आशा रावत, विनीता,सुमित्रा, नारायण दत्त भट्ट आदि ग्रामीण मौजूद रहे।



