महिलाओं की मजबूत सोच से ही खत्म होंगी सामाजिक कुरीतियां। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत
दिव्य ज्योति सीएलएफ के मकर संक्रांति कार्यक्रम में सौडा सरोली की महिलाओं ने लिया आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का संकल्प।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दिव्य ज्योति सीएलएफ की ओर से पंचायत घर सौडा सरोली में महिला सशक्तिकरण को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ममता कोठियाल ने की। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन को उत्साहपूर्ण और प्रभावी बनाया।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के लिए महिलाओं की सोच और निर्णय क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने फैसले स्वयं लेने लगती हैं, तो परिवार से लेकर समाज तक सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सामाजिक परिवर्तन की नींव है।
दीप्ति रावत ने स्वयं सहायता समूहों और सीएलएफ की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि इन मंचों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी फैला रही हैं, जिससे गांवों में नई सोच विकसित हो रही है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र तडियाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को केवल भाषणों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के संगठित प्रयास समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता कमली भट्ट, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ममता नयाल, इंदु कठैत, अंजू बड़ोनी, अनुराधा वालिया, साधना नेगी, हेमा भारती, विनीता भारती, सुनीता मेहर सहित अनेक महिलाओं ने सहभागिता की।



