लालतप्पड़ फैक्ट्री प्रकरण में स्थानीय श्रमिकों को न्याय का भरोसा, एक सप्ताह में समाधान का मिला भरोसा।
एसडीएम कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता, श्रमिक शोषण के आरोपों पर प्रशासन सख्त, विधायक ने भी लिया संज्ञान।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
लालतप्पड़ स्थित एक फैक्ट्री में ठेका संविदा श्रमिकों के साथ हुए कथित शोषण और अचानक सेवा समाप्ति के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। श्रमिकों की ओर से सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय ऋषिकेश एवं उप जिलाधिकारी कार्यालय डोईवाला में की गई शिकायतों के बाद अब पूरे मामले के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि उनसे कुशल श्रेणी का कार्य कराया गया, जबकि वेतन अकुशल श्रेणी का दिया गया। जब श्रमिकों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई तो कंपनी प्रबंधन ने ठेकेदारों का अनुबंध समाप्त होने का हवाला देकर वर्षों से कार्यरत स्थानीय श्रमिकों को नौकरी से हटा दिया। इससे 10 से 15 वर्षों से फैक्ट्री में सेवाएं दे रहे श्रमिकों के सामने गंभीर आजीविका संकट उत्पन्न हो गया है।
मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला के हस्तक्षेप के बाद तहसील परिसर स्थित उप जिलाधिकारी कार्यालय में कंपनी प्रबंधन, सहायक श्रम आयुक्त और श्रमिकों के बीच वार्ता हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के भीतर श्रम विभाग कार्यालय में दोबारा बैठक कर सभी पक्षों की मौजूदगी में समाधान निकाला जाएगा।
श्रमिक नेता और जनप्रतिनिधि संदीप नेगी ने कहा कि यह केवल नौकरी का मामला नहीं, बल्कि श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है। वर्षों तक फैक्ट्री को अपना श्रम देने वाले स्थानीय लोगों को अचानक बाहर कर देना अन्यायपूर्ण है। हम चाहते हैं कि सभी प्रभावित श्रमिकों को पुनः काम पर रखा जाए और वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। प्रशासन से हमें न्यायपूर्ण कार्रवाई की उम्मीद है।
उपजिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढोडियाल ने कहा कि श्रमिकों की शिकायतें गंभीर हैं और प्रशासन इन्हें हल्के में नहीं ले रहा। कंपनी प्रबंधन, ठेकेदार और श्रमिकों के बीच संतुलन बनाते हुए कानून के अनुसार समाधान किया जाएगा। किसी भी श्रमिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश दीपक कुमार ने कहा कि जांच और वार्ता के बाद प्रबंधक, ठेकेदार और कर्मचारियों को आपसी संवाद के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। नियमानुसार श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य है और कुशल कार्य के बदले उचित वेतन श्रमिकों का अधिकार है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक समाधान न होने पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर संविदा श्रमिक पवन नेगी,विमल सिंह,किशन उनियाल विपिन नेगी,मुकेश रौतेला,संदीप कुमार,बंशी लाल थपलियाल,विपिन नेगी,प्रकाश थापा,मोहित नेगी, मान सिंह ,त्रिलोक भंडारी, नरेश सिंह असवाल,गुरमीत सिंह ,नरेंद्र सिंह,चंद्र किशोर,श्याम सिंह,मनीष नेगी आदि उपस्थित रहे।



