डोईवाला नगर की मुख्य सड़कों पर आवारा पशुओं का आतंक।
दोपहिया सवार सबसे ज्यादा परेशान, बड़े हादसे की आशंका बढ़ी।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):पालिका क्षेत्र में आवारा पशुओं की अनियंत्रित बढ़ोतरी ने सड़कों की व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर चौक, रेलवे रोड और मुख्य बाजार में सुबह से देर शाम तक गाय–बैल सड़क के बीच बैठ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ता है। पिछले एक महीने में कई लोगों के घायल होने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है।
राहगीरों का कहना है कि शाम के समय भीड़ बढ़ते ही स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। कई दोपहिया चालक अचानक सामने आ जाते पशुओं से बचने में नियंत्रण खो बैठते हैं। स्कूल के समय बच्चों और अभिभावकों को सड़क पार करने में दोहरी परेशानी उठानी पड़ती है।
दुकानदारों ने बताया कि कई बार पशु झुंड बनाकर दुकानों के सामने जा खड़े होते हैं, जिससे न सिर्फ ग्राहक घबरा जाते हैं बल्कि अचानक दौड़ पड़ने की स्थिति में भगदड़ जैसे हालात बन जाते हैं। व्यापारियों ने कहा कि समस्या लगातार बढ़ रही है, पर नियमित पकड़ अभियान न चलने से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।
स्थानीय निवासियों ने चेताया कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है। उनका कहना है कि आवारा पशुओं का सबसे ज्यादा दबाव बाजार और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर बना रहता है।
पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि नगर की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवारा पशुओं पर नकेल कसने की तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पालिका जल्द ही व्यापक स्तर पर पकड़ अभियान, संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी, और पशुओं को सुरक्षित शेल्टर में शिफ्ट करने की व्यवस्था लागू करेगी। नेगी ने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि नगर की सड़कें सुरक्षित और सुगम बन सकें।



