Blog

बरसात की बूंदों से हरी हुई उम्मीदें फसलों में सुधार, किसानों को मिली बड़ी राहत।

खबर को सुनें

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
क्षेत्र में हुई बारिश ने मौसम का मिज़ाज बदलने के साथ ही किसानों की उम्मीदों को भी हरा-भरा कर दिया है। लंबे समय से शुष्क मौसम के कारण फसलों पर मंडरा रहा खतरा अब काफी हद तक कम हो गया है। बारिश से जहां गेहूं की फसल में फैल रहे पीला रोग पर नियंत्रण की उम्मीद जगी है, वहीं आलू की फसल में झुलसा रोग और गन्ने में पनपने वाले कीटों पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
किसानों के अनुसार यह बारिश रबी फसलों के लिए अमृत के समान है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही बागवानी फसलों के लिए भी यह बारिश बेहद लाभकारी मानी जा रही है। आम, लीची सहित अन्य फलदार पौधों में आने वाले बौर के लिए यह नमी संजीवनी का काम करेगी।
किसान सुरेंद्र राणा ने बताया कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं में पीला रोग फैलने लगा था, लेकिन अब बारिश के बाद फसल में स्पष्ट सुधार नजर आ रहा है।

किसान उमेद बोरा ने कहा कि आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा बढ़ रहा था, बारिश से रोग पर नियंत्रण होगा और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

किसान रनजोत सिंह के कहा कि गन्ने की फसल में कीटों की समस्या किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई थी, लेकिन बारिश से कीटों पर असर पड़ा है और फसल को राहत मिली है।
सहायक कृषि अधिकारी अजय टम्टा ने कहा कि प्राकृतिक बारिश खेती के लिए वरदान है। इससे फसलों को आवश्यक नमी मिलने के साथ कई रोग और कीट स्वतः नियंत्रित हो जाते हैं। किसानों को इस समय संतुलित खाद और उचित देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कुल मिलाकर मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों की चिंता कम की है और आने वाले दिनों में बेहतर पैदावार की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button