यूरिया की पाबंदी से खेती पर संकट, सड़कों पर उतरे किसान. (एक एकड़ पर एक कट्ठा(40किलो )खाद देने का आरोप, एसडीएम कार्यालय पर भाकियु टिकैत का जोरदार प्रदर्शन)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
क्षेत्र में यूरिया खाद की आपूर्ति पर लगी कथित पाबंदी के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत एक एकड़ भूमि पर मात्र एक कट्ठा(40किलो )यूरिया दिया जा रहा है, जबकि पूर्व में ऐसी कोई सीमा नहीं थी। इस पाबंदी से फसलों की पैदावार प्रभावित हो रही है और लगातार बढ़ती लागत के चलते किसान आर्थिक संकट में घिरते जा रहे हैं। हालात ऐसे बन रहे हैं कि कई किसान अपनी जमीनें बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूरिया पर लगी पाबंदी तत्काल हटाने और खाद की तत्कालआपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसान लगातार दबाव में हैं। खाद, बीज और अन्य आवश्यक संसाधनों पर नियंत्रण लगाकर खेती को घाटे का सौदा बनाया जा रहा है। यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
गन्ना समिति के उपाध्यक्ष हरभजन सिंह ने कहा कि गन्ना किसान पहले से ही भुगतान में देरी और बढ़ती लागत की मार झेल रहे हैं। ऐसे में यूरिया की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
यूनियन से जुड़े अजीत सिंह प्रिंस ने कहा कि सरकार को किसानों की जमीनी हकीकत समझनी चाहिए। समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने से खेती चौपट होने की कगार पर है।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही यूरिया की आपूर्ति सामान्य नहीं की गई, तो वे मजबूरन बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान सुरजीत सिंह, साहब सिंह, एसपी सिंह, जनरल सिंह, नरेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, संजीव कुमार, परमजीत सिंह काकू, जसविंदर सिंह लवली, हरीकिशोर, प्रताप सिंह, रविंद्र सिंह, हरजीत सिंह, करनैल सिंह, जुगनू किशोर, तेजपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



