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हिमालयन स्कूल में स्पर्श हिमालयन विश्वविद्यालय की पहल, छात्रों को दी स्वास्थ्य और भविष्य की दोहरी सीख।

करियर निर्माण के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का भी मिला प्रशिक्षण।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्पर्श हिमालयन विश्वविद्यालय द्वारा हिमालयन स्कूल माजरी ग्रांट में आयोजित जागरूकता कार्यशाला छात्रों के लिए केवल जानकारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करती नजर आई। कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा—तीनों पहलुओं को एक साथ जोड़ा गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एडमिशन सेल से रविंदर ने छात्रों को उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप से अवगत कराते हुए बताया कि बीएनवाईएस (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) और बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) जैसे पाठ्यक्रम आज की आवश्यकता के अनुरूप हैं, जिनमें करियर के साथ मानव सेवा का भी अवसर मिलता है। उन्होंने छात्रों को अपने रुचि और योग्यता के अनुसार विषय चुनने की सलाह दी।

प्राकृतिक चिकित्सा विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. आरती गौड़ ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पंचमहाभूत सिद्धांत और ड्रगलेस थेरेपी के माध्यम से बताया कि कैसे बिना दवाइयों के भी कई बीमारियों से बचाव और उपचार संभव है।

कार्यशाला का विशेष आकर्षण बीएएमएस इंटर्न्स द्वारा दिया गया सीपीआर और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण रहा। उन्होंने छात्रों को समझाया कि सही समय पर सही कदम उठाकर किसी भी आपात स्थिति में अनमोल जीवन को बचाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण ने छात्रों में आत्मविश्वास और सजगता का भाव पैदा किया।

विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अहम बताते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं छात्रों को केवल परीक्षा केंद्रित नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन के लिए भी तैयार करती हैं। कार्यशाला से छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भविष्य के प्रति स्पष्ट दिशा मिली।

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