युवा संसद में डोईवाला महाविद्यालय फिर बना प्रदेश का सिरमौर। (तरुण सभा प्रतियोगिता में लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान, 52 सर्वश्रेष्ठ युवा सांसदों को किया सम्मानित)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोईवाला में बुधवार को विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखंड शासन की ओर से राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025-26 के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। तरुण सभा प्रतियोगिता में डोईवाला महाविद्यालय ने लगातार दूसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया।
मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग सहदेव सिंह और विशिष्ट अतिथि अपर सचिव अरविन्द कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने अतिथियों का स्वागत किया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
अपर सचिव अरविन्द कुमार ने बताया कि तरुण सभा में डोईवाला प्रथम, रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी द्वितीय और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुद्रपुर तृतीय स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 13 जनपदों के 76 महाविद्यालयों में युवा संसद व तरुण सभा आयोजित हुई ी
मुख्य अतिथि सहदेव सिंह ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में शामिल है। युवाओं को राज्य की प्रगति, उन्नति और विकास से जुड़े कार्यों से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और नागरिक दायित्वों की समझ विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल ने स्थानीय और क्षेत्रीय समस्याओं को युवा संसद में प्रमुखता देने की बात कही।
कार्यक्रम में 20 जनपदीय नोडल अधिकारियों और 52 सर्वश्रेष्ठ युवा सांसदों को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई और संचालन किया।
इस अवसर पर उपसचिव पूरन गिरी, उपनिदेशक माध्यमिक रमेश तोमर, अनुभाग अधिकारी अरविन्दर सिंह, डॉ. अंजली वर्मा, गजेन्द्र सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अजीत सिंह सहित विभिन्न जनपदों के नोडल अधिकारी, छात्र-छात्राएं और महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक मौजूद रहे।



