पुराने कपड़ों से बनेगा रोजगार का नया माध्यम, महिलाओं ने सीखे नए हुनर। (रानीपोखरी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कपड़ों की कटिंग, सिलाई, डिजाइन और विपणन का दिया गया प्रशिक्षण)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के तहत ओएनजीसी, तेल भवन देहरादून के सीएसआर सहयोग एवं मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन के संचालन में रविवार को हिमालय रक्षक फाउंडेशन, रानीपोखरी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए “वेस्ट टू वेल्थ” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पुराने कपड़ों से कपड़े के बैग एवं अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अनुपयोगी कपड़ों का पुनः उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना रहा। संस्था द्वारा चलाए गए संग्रह अभियान में 685 किलोग्राम पुराने कपड़े एकत्र किए गए, जिनका उपयोग प्रशिक्षण के दौरान किया गया।
प्रशिक्षक आरती भारद्वाज ने प्रतिभागियों को कपड़ों की छंटाई, कटिंग, सिलाई, डिजाइन, फिनिशिंग और विपणन की जानकारी दी। प्रशिक्षण में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य अतिथि नप मुख्य सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संस्था की निदेशिका प्रगति सडाना ने कहा कि वस्त्र अपशिष्ट का पुनर्चक्रण हरित रोजगार और स्वच्छ वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में प्रगति सडाना, सचिन रावत, आरती भारद्वाज, रिंकल, प्रेम चंद पंवार, कमलेश, आरती, यशोदा, इंदु, लक्ष्मी सहित हिमालय रक्षक फाउंडेशन, आरवी स्वयं सहायता समूह, देवभूमि स्वयं सहायता समूह एवं आयुष्मान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया।



