छल, झूठ और पहचान छिपाकर समाज को नुकसान पहुंचाने वाली मानसिकता का विरोध करना हर नागरिक का कर्तव्य है। भावना शर्मा
झांकियों, जयघोष और जनसहभागिता के साथ धर्म व सामाजिक चेतना का विराट प्रदर्शन।
सनातन चेतना की हुंकार बनी बजरंग दल और विहिप की शौर्य यात्रा।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के संयुक्त तत्वाधान में नगर की सड़कों पर रविवार को जब शौर्य यात्रा निकाली तो वह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि समाज को जोड़ने और जागरूक करने का सशक्त मंच बनकर सामने आई। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा ने सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और नारी सम्मान के संदेश को जन–जन तक पहुंचाया।
रेलवे रोड से प्रारंभ हुई शौर्य यात्रा नगर चौक, भानियावाला, रानीपोखरी होते हुए ऋषिकेश पहुंची। मार्ग में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। प्रभु श्री राम, बजरंगबली और दुर्गा माता की भव्य झांकियों ने लोगों को आस्था, शक्ति और धर्म रक्षा का भाव दिया।
यात्रा के दौरान जय श्रीराम के नारों, भजन–कीर्तन और शंखनाद से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सनातन परंपरा आज भी समाज की चेतना में जीवंत है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज समाज को केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैचारिक रूप से भी सजग रहने की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता सुभाष जोशी ने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं और युवा पीढ़ी को सही दिशा देना समय की मांग है।
सामाजिक कार्यकर्ता भावना शर्मा ने अपने संबोधन में नारी सम्मान और सुरक्षा को समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि छल, झूठ और पहचान छिपाकर समाज को नुकसान पहुंचाने वाली मानसिकता का विरोध करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
शौर्य यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया कि सनातन संस्कृति केवल पूजा–पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता से जुड़ी हुई है। यात्रा शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई।
यात्रा में पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र प्रसाद पांडे, राकेश सिंह, अविनाश सिंह, संदीप प्रधान, संतोष राजपूत, प्रदीप कुमार, विक्रम सिंह, राजवीर सिंह खत्री, पुरुषोत्तम डोभाल, राखी छेत्री, पूजा, प्रियंका, कशिश, ज्योति, संजय कश्यप, सुरेंद्र लोधी, कमल गोला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।



