एमआरएफ सेंटर भ्रमण से बच्चों में जगी स्वच्छता की समझ।
कचरे को समस्या नहीं, संसाधन के रूप में देखने का दिया गया संदेश।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
नगर पालिका परिषद डोईवाला की ओर से स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विद्यार्थियों के लिए व्यवहारिक ज्ञान पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरस्वती विद्या मंदिर कोटी के छात्र-छात्राओं ने केशवपुरी स्थित एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर पहुंचकर कचरा प्रबंधन की आधुनिक कार्यप्रणाली को नजदीक से जाना।
भ्रमण के दौरान बच्चों को बताया गया कि घरों से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से पृथक्करण कैसे किया जाता है और इससे नगर की सफाई व्यवस्था को कैसे मजबूती मिलती है। अधिकारियों ने समझाया कि गीला और सूखा कचरा अलग रखने से न केवल कचरे की मात्रा कम होती है, बल्कि उससे जैविक खाद तैयार कर उपयोग में भी लाया जा सकता है। बच्चों ने खाद निर्माण की प्रक्रिया को उत्सुकता से देखा और कई सवाल भी पूछे।
पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि स्वच्छता की आदतें बचपन से ही विकसित हों तो उनका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश हर परिवार तक पहुंचाया जा सकता है।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी एम.एल. शाह ने बताया कि पालिका का प्रयास है कि विद्यालय स्तर से ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता फैलाई जाए, ताकि स्वच्छ भारत मिशन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सके।
मुख्य सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक कचरे का पृथक्करण सही ढंग से करने लगे, तो शहर को स्वच्छ और पर्यावरण को सुरक्षित रखना आसान हो जाएगा।
इस अवसर पर सुपरवाइजर नीरज कुमार, सुरेंद्र कुमार, विपिन, दिनेश, अंकुल, आकाश सहित विद्यालय के शिक्षक एवं पर्यावरण मित्र मौजूद रहे।



