एमडीडीए के खिलाफ तहसील में गरजे संगठन, अधिकारियों-कर्मचारियों के निलंबन की उठी मांग, एसडीएम डोईवाला को मुख्यमंत्री के नाम से सौंपा ज्ञापन, (पूर्व सैनिक संगठन, किसान मोर्चा और ग्रामीणों का आरोप—नक़्शे के नाम पर हो रहा उत्पीड़न, जांच की मांग तेज)
एमडीडीए की कार्यशैली पर सवाल, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला बोले— उच्च अधिकारियों से हुई वार्ता, जनता को नहीं होने देंगे परेशान। आप
एमडीडीए के खिलाफ तहसील में गरजे संगठन, अधिकारियों-कर्मचारियों के निलंबन की उठी मांग, एसडीएम डोईवाला को मुख्यमंत्री के नाम से सौंपा ज्ञापन,
(पूर्व सैनिक संगठन, किसान मोर्चा और ग्रामीणों का आरोप—नक़्शे के नाम पर हो रहा उत्पीड़न, जांच की मांग तेज)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के खिलाफ शनिवार को विभिन्न संगठनों और ग्रामीणों ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एमडीडीए अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन उप जिलाधिकारी अपर्णा ढोडियाल को सौंपा।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नक़्शे के नाम पर लोगों को अनावश्यक नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है और प्रशासनिक स्तर पर मनमानी की जा रही है, जिससे आम जनता में गहरा आक्रोश है।
राज्य सैनिक एकता मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र राणा ने कहा कि एमडीडीए की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई पारदर्शी नहीं है और कई मामलों में बिना उचित जांच के ही नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।
राज्य सैनिक एकता मंच के महासचिव दरपान बोरा ने कहा कि पहले एमडीडीए के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की संपत्तियों व नक्शों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, उसके बाद ही आम लोगों पर कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तहसील स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो मामला जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा।
पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनोज नौटियाल ने कहा कि एमडीडीए की इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को बिना किसी ठोस आधार और दस्तावेजी जांच के नोटिस भेजे गए हैं, जो एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए, उन्होंने मांग की कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि एमडीडीए की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान ग्राम प्रधान नांगल बुलंदावला अंजू देवी, सिमलास ग्राम प्रधान सुषमा बोरा,मारखम ग्रांट प्रधान परमिंदर सिंह बाउ, माजरी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मंगल सिंह, प्रेम पांचाल, प्रताप सिंह बिष्ट नेगी, पीसी बहुगुणा, सुरेश पुंडीर आदि के अलावा पूर्व सैनिक, ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
एमडीडीए की कार्यशैली पर सवाल, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला बोले— उच्च अधिकारियों से हुई वार्ता, जनता को नहीं होने देंगे परेशान।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के दावों के बीच एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) की कार्यशैली को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि एमडीडीए के अधिकारी नियमों की अनदेखी कर मनमानी कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण, नोटिस और कार्रवाई के मामलों में पारदर्शिता के अभाव को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
एमडीडीए के खिलाफ उठते विरोध के स्वर अब सड़कों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गए हैं। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर की जा रही कार्रवाईयों से छोटे भवन स्वामी और आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई मामलों में बिना समुचित सुनवाई के नोटिस और कार्रवाई की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
इस पूरे मामले पर डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने सख्त रुख अपनाया है। विधायक ने कहा कि एमडीडीए से जुड़ी शिकायतों को लेकर उनकी उच्च अधिकारियों से वार्तालाप हुई है। उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी हाल में अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा और यदि कहीं अधिकारियों की लापरवाही या तानाशाही सामने आती है तो उस पर कार्रवाई तय है।
विधायक ने यह भी कहा कि विकास कार्य जनहित में होने चाहिए, न कि जनता के उत्पीड़न का माध्यम। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एमडीडीए की कार्यप्रणाली की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। विधायक के बयान के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि एमडीडीए की कार्यशैली पर अंकुश लगेगा और लोगों को राहत मिलेगी।



