केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा एनटीए को भंग करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
एसएफआई देहरादून जिला कमेटी के नेतृत्व में आज डोईवाला चौक से तहसील तक मार्च निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद एसडीएम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा एनटीए को भंग करने की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव अयाज़ खान ने कहा कि परीक्षा घोटालों और सरकार की नीतियों के कारण छात्रों की मौतें संस्थागत हत्याएं (Institutional Murders) हैं और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
इस अवसर पर समीर, सुहाना और फाजिया ने भी 20 जुलाई को दिल्ली जंतर मंतर पर हुई बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलो से हुए छात्रों के शोषण का अपना अनुभव साझा करते हुए अपने विचार रखे। कार्यक्रम में हिमांशु, अशफ़ाक, अफसाना, फ़रिया, सिमरन, जसप्रीत तथा किसान सभा के ज़ाहिद अंजुम और याकूब उपस्थित रहे। किसान सभा ने एसएफआई के आंदोलन को पूरा समर्थन देते हुए आगे भी कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने का भरोसा दिया।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई, जिसका एसएफआई ने स्वागत करते हुए कहा कि यह देशभर के छात्रों के संघर्ष और एकजुट आंदोलन की महत्वपूर्ण जीत है। साथ ही संगठन ने स्पष्ट किया कि एनटीए को भंग करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
संघर्ष करने का भरोसा दिया।



