ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर पर मंथन। (राष्ट्रीय वेबिनार में तकनीकी सुविधाओं की समान पहुंच पर दिया जोर)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘भारत में तकनीकी विभाजन एवं सामाजिक असमानता’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने डिजिटल तकनीक की उपयोगिता और समाज में मौजूद असमानताओं पर विचार रखे।
मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र भसीन ने कहा कि डिजिटल तकनीक शिक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए धनराशि सीधे खातों में हस्तांतरित करने की योजना की जानकारी दी।
प्रो. भगवान सिंह बिष्ट ने डिजिटल तकनीक को वर्तमान युग की आवश्यकता बताया। प्रो. जया श्रीवास्तव ने लैंगिक, जातिगत और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल विभाजन पर प्रकाश डाला।
प्रो. प्रमोद कुमार गुप्ता ने विकसित भारत के लक्ष्य के लिए तकनीकी सुविधाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
प्राचार्य प्रो. देवेश भट्ट ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को डिजिटल सुविधाओं और संसाधनों का समान अवसर मिलना जरूरी है।
आयोजक सचिव समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह पवार और डॉ. राम सिंह सामंत रहे।
कार्यक्रम में डॉ संगीता बहुगुणा,डॉ. पूनम भूषण, डॉ. देवेश चंद्रा, डॉ. हर्ष नेगी, डॉ. अर्जुन रवि, डॉ. संगीता सिदोला, डॉ. चंद्रावती टम्टा
डॉ. एनडी शुक्ला, डॉ. नवीन कुमार नैथानी, डॉ. अंजली वर्मा, डॉ. पंकज पांडे, डॉ. संजीव नेगी, डॉ. संदीप बहुगुणा, डॉ. वीपी सेमवाल, डॉ. पल्लवी मिश्रा, डॉ. पार्वती रस्तोगी, डॉ. सीताराम नैथानी, डॉक्टर शिवकुमार लाल,डॉ. पुष्पा नेगी, डॉ. पूनम धस्माना, डॉ. चंद्रकला और डॉ. अमित नेगी सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे।



