जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में भाकियू (टिकैत) ने किया डोईवाला कोतवाली में किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन। (दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे और किसानों को कानूनी एमएसपी की गारंटी की उठाई मांग)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को चौक बाजार से डोईवाला कोतवाली तक जुलूस निकालकर जंतर-मंतर लाठीचार्ज प्रकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तथा राष्ट्रीय महिला आयोग के नाम संबोधित ज्ञापन कोतवाली पुलिस को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले में नई दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों, महिलाओं और आंदोलनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 20 जुलाई 2026 को शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में 83 छात्र-छात्राएं और सामाजिक कार्यकर्ता घायल हुए, जबकि एक छात्रा की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। संगठन ने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार दिल्ली पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 के तहत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच किसी अन्य राज्य की पुलिस अथवा स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री से घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2014 से विभिन्न जनआंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुए हैं।
संगठन ने किसानों के लंबे समय से चल रहे एमएसपी आंदोलन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कानूनी एमएसपी की मांग को लेकर हुए आंदोलन में सैकड़ों किसान शहीद हुए, लेकिन आज तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी नहीं मिल सकी। सरकार से किसानों की सभी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। जंतर-मंतर की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है। दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा भारतीय किसान यूनियन प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी।
गन्ना समिति के उपाध्यक्ष हरभजन सिंह ने कहा कि छात्रों, महिलाओं और किसानों की आवाज को लाठी के बल पर दबाया नहीं जा सकता। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए तथा किसानों को कानूनी एमएसपी की गारंटी सहित सभी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह, गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष मनोज नौटियाल, सुरजीत सिंह, रणजीत सिंह बॉबी, हरि किशोर, अनूप, मोहन सिंह, अशोक कुमार, जसवीर सिंह लवली, परमजीत सिंह काकू, अमित सैनी, जरनैल सिंह, एसपी सिंह, अवतार सिंह, गुरविंदर सिंह पम्मा सहित बड़ी संख्या में भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



