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पं. गोविन्द बल्लभ पन्त की पुण्यतिथि पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर में पुष्पांजलि कार्यक्रम।

हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्थान और विश्वविद्यालय परिसर के संयुक्त तत्वाधान में हुआ आयोजन, वक्ताओं ने पंत जी के विचारों को बताया आज भी प्रासंगिक।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर देहरादून में पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्थान एवं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने कहा कि पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। उनका विराट व्यक्तित्व आजादी के कालखंड से ही देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालय पुत्र पन्त जी ने उत्तराखंड के सुदूर अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया।
डॉ. भावना डोभाल ने कहा कि पन्त जी का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि वह जनसेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की जीवंत गाथा थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने के साथ ही स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक और भाषायी स्वरूप को भी मजबूती प्रदान की। हिंदी को राजभाषा का गौरव दिलाने में उनका योगदान ऐतिहासिक और युगांतकारी रहा है।
डॉ. नरेंद्र जगुड़ी ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पन्त को देश के यशस्वी नेता के रूप में सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को ऐसे महामानवों के जीवन और इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पन्त जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर गोविंद रावत, बृजमोहन खाती, कुंदन सिंह, अभिषेक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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