गर्मियों से पहले सतर्क हुआ वन विभाग, लच्छीवाला में आग का फुकान कार्य शुरू, (वनाग्नि की रोकथाम को संवेदनशील क्षेत्रों में हटाया जा रहा सूखा ईंधन, वन्यजीवों की सुरक्षा पर विशेष जोर)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
गर्मी के मौसम में बढ़ने वाली वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए लच्छीवाला वन क्षेत्र में वन विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए आग का फुकान कार्य आरंभ कर दिया है। इस कार्य का उद्देश्य जंगलों में जमा सूखी पत्तियों, झाड़ियों और ज्वलनशील पदार्थों को नियंत्रित तरीके से हटाकर आग फैलने की आशंका को कम करना है, ताकि गर्मियों के दौरान वन संपदा और वन्य प्राणियों को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
वन विभाग की टीमों द्वारा फुकान का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां हर वर्ष आग लगने की संभावना अधिक रहती है। विभागीय कर्मचारी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए फायर लाइन तैयार कर रहे हैं, जिससे किसी भी आकस्मिक आग को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि गर्मियों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि आग का फुकान एक आवश्यक और नियंत्रित प्रक्रिया है, जिससे जंगल में मौजूद सूखा ईंधन हट जाता है और आग फैलने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे जंगलों में आग न जलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धुएं की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।
वन विभाग का कहना है कि समय से किए गए इस फुकान कार्य से न केवल जंगल सुरक्षित रहेंगे, बल्कि वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी संरक्षित रहेगा। विभाग द्वारा आने वाले दिनों में गश्त और निगरानी भी बढ़ाई जाएगी, ताकि वनाग्नि की किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।



