प्रशासनिक ड्यूटी में फंसे शिक्षक, डोईवाला में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था बेहाल, (35–40 स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित, शिक्षक संघ ने खंड विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
विकासखंड डोईवाला में प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। जनपद व ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक ड्यूटी में लगाए जाने से 35 से 40 प्राथमिक विद्यालयों में नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में शिक्षक न होने से कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।
इसको लेकर उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने खंड विकास अधिकारी परशुराम सकलानी के कार्यालय में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समाधान की मांग की। संघ ने कहा कि यदि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नहीं किया गया तो शिक्षा व्यवस्था और अधिक बिगड़ जाएगी।
ज्ञापन में बताया गया कि शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों को प्रशासनिक कार्यों, सर्वे और विभिन्न योजनाओं की ड्यूटी में लगाए जाने से विद्यालयों का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। इसका असर वार्षिक परीक्षा परिणाम, नए छात्रों के प्रवेश और मिड-डे मील योजना के संचालन पर भी पड़ रहा है। कई विद्यालयों में बच्चों को बिना पढ़ाई के लौटना पड़ रहा है।
प्राथमिक शिक्षा संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सागर ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में उपलब्ध शिक्षकों को भी कक्षाओं से हटाकर गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से स्कूलों पर ताला लगने की नौबत आ रही है। उन्होंने प्रशासन से शिक्षकों को तुरंत गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की।
वहीं, खंड विकास अधिकारी परशुराम सकलानी ने कहा कि ज्ञापन प्राप्त हो गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
इस दौरान संदीप सोलंकी, सिद्धार्थ वर्मा, विपिन चौहान, विनोद आदि के अलावा शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे I



