Blog

साहित्य और समाज के सेतु के रूप में साईं सृजन पटल का 23वां अंक लोकार्पित, (डॉ. हेमा सक्सेना ने किया विमोचन, साहित्यिक पत्रिकाओं को बताया सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना का आधार)

खबर को सुनें

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा)
साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित मासिक पत्रिका साईं सृजन पटल के 23वें अंक का विमोचन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की एनेस्थीसिया एवं आईसीयू विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष, प्रख्यात चिकित्सक एवं शिक्षाविद् डॉ. हेमा सक्सेना ने पत्रिका का विमोचन किया।

इस अवसर पर डॉ. हेमा सक्सेना ने कहा कि साहित्यिक पत्रिकाएं समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि साईं सृजन पटल भविष्य में भी साहित्य और समाज के बीच सशक्त संवाद का माध्यम बनी रहेगी।

पत्रिका के संपादक प्रो. (डॉ.) के. एल. तलवाड़ ने कहा कि साईं सृजन पटल का मूल उद्देश्य साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक चेतना को एक साझा मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि पत्रिका नए रचनाकारों को निरंतर अवसर देने के साथ-साथ सकारात्मक पत्रकारिता को भी बढ़ावा दे रही है।

उपसंपादक अंकित तिवारी ने कहा कि साईं सृजन पटल केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि रचनात्मक विचारों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जन-जन तक पहुँचाने का अभियान है। पाठकों और लेखकों के सहयोग से पत्रिका निरंतर नई उपलब्धियाँ हासिल कर रही है।

कार्यक्रम में इनसाइडी क्रिएटिव मीडिया की निदेशक लेखिका नीलम तलवाड़, सीईओ अक्षत सहित संस्थान का स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने पत्रिका के सफल प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button