जन्मदिन पर रक्तदान कर साकिर हुसैन ने पेश की इंसानियत की मिसाल। (8 वर्षीय लव राज के लिए किया रक्तदान, लोगों से की स्वैच्छिक रक्तदान की अपील)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
एक मदद ब्लड ग्रुप समिति के अध्यक्ष साकिर हुसैन एडवोकेट ने अपने जन्मदिन के अवसर पर समाजसेवा और मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के बजाय हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में गंभीर बीमारी के चलते भर्ती 8 वर्षीय लव राज के लिए रक्तदान किया।
लव राज की हालत गंभीर होने के कारण उसे रक्त की आवश्यकता थी। जैसे ही इसकी जानकारी एक मदद ब्लड ग्रुप समिति के अध्यक्ष साकिर हुसैन को मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर को किसी व्यक्तिगत खुशी तक सीमित न रखते हुए एक जरूरतमंद बच्चे की मदद के लिए समर्पित किया।
साकिर हुसैन ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन देने का माध्यम है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी मरीज और उसके परिवार के लिए बहुत बड़ी उम्मीद बन सकता है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी अन्य विशेष अवसर को रक्तदान जैसे नेक कार्य के साथ मनाने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ और योग्य लोगों को आगे आकर नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। अस्पतालों में कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में रक्तदाता का एक छोटा सा प्रयास किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एक मदद ब्लड ग्रुप समिति लगातार जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। समिति का उद्देश्य है कि रक्त की कमी के कारण किसी जरूरतमंद मरीज को परेशानी न उठानी पड़े।
साकिर हुसैन द्वारा अपने जन्मदिन पर किया गया यह रक्तदान निश्चित रूप से समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश है। यदि अधिक से अधिक लोग इसी तरह स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आएं, तो कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है और उनकी जिंदगी बचाने में मदद मिल सकती है।
रक्तदान करें, जीवन बचाएं—आपका दिया हुआ रक्त किसी के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन सकता है।
इस मौके पर समिति के कोषाध्यक्ष एडवोकेट शहदाब हसन भी मौजूद रहे।



