डोईवाला चीनी मिल में श्रमदान से स्वच्छता का संदेश, शताब्दी वर्ष की तैयारियां तेज (1930 में हुई थी स्थापना, पेराई सत्र के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देंगे निमंत्रण)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला चीनी मिल के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मिल परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया। सभी ने मिलकर परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान प्रदेश स्तरीय गन्ना समिति के सदस्य सुभाष भट्ट भी मौजूद रहे।
वर्ष 1930 में स्थापित डोईवाला चीनी मिल क्षेत्र की ऐतिहासिक औद्योगिक धरोहर है। शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के साथ मिल की व्यवस्थाओं को बेहतर करने और नई गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। आगामी पेराई सत्र के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निमंत्रण दिया जाएगा।
मिल परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने की पहल को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश स्तरीय गन्ना समिति के सदस्य सुभाष भट्ट ने कहा कि डोईवाला चीनी मिल का क्षेत्र में विशेष ऐतिहासिक महत्व है। शताब्दी वर्ष के अवसर पर मिल की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के साथ इसकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाना सराहनीय पहल है। मिल को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रह सके।
अधिशासी निदेशक अजयवीर सिंह ने कहा कि चीनी मिल अधिकारियों और कर्मचारियों की साझा धरोहर है। इसकी स्वच्छता, गरिमा और व्यवस्थाओं को बनाए रखना सभी का सामूहिक कर्तव्य है। श्रमदान से कार्यस्थल के प्रति अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से स्वच्छता पर ध्यान दें, ताकि मिल परिसर साफ-सुथरा रहे और बेहतर वातावरण में कामकाज आगे बढ़ सके।
इस दौरान अरविंद शर्मा, सुषमा चौधरी, डीपी शर्मा, सुनील बिष्ट, आशुतोष अग्निहोत्री, शिवानी वर्मा, मनीष छेत्री, नरेंद्र कुमार अमरजीत आदि अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे I



