मेघनाथ संवाद, रावण वध, राम राज्याभिषेक ,प्रसंग ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
गढ -जन आदर्श राम लीला कमेटी हर्रावाला द्वारा रामलीला में मेघनाथ -लक्ष्मण संवाद, मेघनाथ वध, रावण वध, राम राज्य अभिषेक ,का प्रसंग बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाया गया
इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि रावण ने मेघनाथ से युद्ध में जाने से पहले कहा था युद्ध में बुद्धि एवं विवेक का प्रयोग करना चाहिए कुंभकरण के मरने के बाद रावण को एहसास हो गया था कि अब श्री राम के हाथों मेरा अंत होने वाला है इसीलिए रावण ने राम के हाथों मरने का फैसला किया और उनके साथ मरते दम तक युद्ध करता रहा उन्होंने कहा कि पहले रामलीला में सीता रामचंद्र उसके बाद आज जय श्री राम बोला जाता है जिससे एहसास हो गया है कि अब युग परिवर्तन हो रहा है नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा एवं महिलाओं के अभिनव से साफ हो गया है कि अब युग परिवर्तन हो रहा है उन्होंने कहा रामलीला नाटक नहीं है बल्कि हमारी अवध से चली आ रही संस्कृति एवं परंपराओं का संगम है यदि व्यक्ति चुप रहकर सहन करता है तो रामायण की रचना होती है और अपने हक एवं बंटवारे की अगर बात कर महत्वाकांक्षा जताता है है तो महाभारत की रचना होती है उन्होंने कहा की आजादी के समय भी महात्मा गांधी ने जयप्रकाश नारायण एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू से कहा था कि आजादी की अलग जगाने के लिए सबसे अच्छा साधन रामलीला में जाकर आजादी की अलख जगह -जगह जगाओ और उन्होंने ऐसा ही किया था
विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने अपनी पुरानी याद ताजा करते हुए रामायण की चौपाई गाकर दर्शकों को मंत्र बुद्ध कर दिया जिस पर हरीश रावत ने हंसते हुए तालिया से उनका स्वागत किया उन्होंने कहा कि राम रावण से धृरणा नहीं करता था बल्कि उसके अवगुणों से घृरना करता था अगले दिन रामलीला कमेटी द्वारा राजा राम का राज्याभिषेक किया गया तथा सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया गया सम्मान देने वालों में प्रसिद्ध देने वालों में वाडिया इंस्टीट्यूट के पूर्व वैज्ञानिक सुरेंद्र डंडरियाल ने राम ला के कलाकार को अपने हाथों से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया समापन के अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ धीरेंद्र राणा, रामलीला कमेटी के सचिव गोपाल दत्त किमोठि मीनाक्षी किमोठि , सरिता किमोठी , अजय डोभाल ,प्रकाश भट्ट, सुनील नौटियाल (डायरेक्टर )मनोज बिष्ट ,दिनेश प्रसाद खाली, निधि कंडवा, एडवोकेट मूलचंद शीर्ष वाल पूर्व ग्राम प्रधान हर्रावाला, मनबर सिंह नेगी,मदन सिंह नेगी, जे. पी .खंडूरी ,सरिता लखेड़ा, दिनेश मैखुरी, उसके बाद रामलीला कमेटी ने सबसे अधिक आयु के 75 वर्षीय जिन्होंने सुशांत वेद का,अभिनय किया जयप्रकाश खंडूरी और सबसे छोटे कलाकार विराज लखेडा, इसकी उम्र 6 वर्ष है रामलीला कमेटी द्वारा उनको प्रशस्ति पत्र देकर रामलीला कमेटी द्वारा उनका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया गया रामलीला के सभी पात्रों का रामलीला कमेटी हर्रावाला द्वारा प्रशस्ति पत्र लेकर स्वागत किया गया।



