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एसआरएचयू में योग और विज्ञान का संगम, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में समग्र स्वास्थ्य पर मंथन। मानसिक स्वास्थ्य, न्यूरोप्लास्टिसिटी और योग के वैज्ञानिक प्रभावों पर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने रखे विचार।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के स्कूल ऑफ योगा साइंसेज द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन योग और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर व्यापक चर्चा हुई। देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और योगाचार्यों ने योग को वैज्ञानिक आधार पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
बुधवार को आदि कैलाश सभागार में आयोजित प्रथम सत्र में मानसिक स्वास्थ्य, न्यूरोप्लास्टिसिटी और योग के प्रभाव जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। इस दौरान डॉ. बी. एन. गंगाधर, डॉ. क्रिस्टोफर चौपल, डॉ. प्रकाश केशवैया और डॉ. आनंद बालयोगी भावनानी ने योग को आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के पूरक के रूप में प्रस्तुत किया। सत्र की अध्यक्षता डॉ. सुनील सैनी एवं डॉ. प्रकाश सी. मालशे ने की।
द्वितीय सत्र में आयोजित पैनल चर्चा सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें योग के विभिन्न आयामों, चुनौतियों और संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। इस दौरान डॉ. रमेश बिजलानी, डॉ. विजेंद्र चौहान, डॉ. शशि बाला, योगाचार्या आनंधी मैरी सील और डॉ. राखी खंडूरी ने अपने अनुभव साझा किए। सत्र की अध्यक्षता डॉ. आशु ग्रोवर एवं डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने की।
तृतीय सत्र में योग के उपचारात्मक (हीलिंग) प्रभावों पर विशेष चर्चा हुई। डॉ. मधु वाजपेयी, टीना कार्ट्राइट, डॉ. अक्षय आनंद, डॉ. मोनिका पठानिया और जॉन सेलिंगर ने योग को उपचार और पुनर्वास के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया। सत्र का संचालन डॉ. सुरेश लाल बर्नवाल, डॉ. अनुराग रावत एवं डॉ. राजीव मोहन कौशिक ने किया।
समापन समारोह में कुलपति डॉ. राजेन्द्र डोभाल ने कहा कि योग केवल परंपरा नहीं, बल्कि वैज्ञानिक जीवनशैली है, जिसे वैश्विक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता है। प्रति कुलपति डॉ. अशोक देवरारी ने योगिक विज्ञान को शोध के नए आयाम देने पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन पर स्कूल ऑफ योगा साइंसेज के प्रिंसिपल डॉ. रुद्र भंडारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि आयोजन सचिव डॉ. सुबोध सौरभ सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. माला त्रिपाठी, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. सलोनी मलिक, डॉ. गरिमा, डॉ. शिवओम आचार्य, अनुराधा, विजेंद्र द्विवेदी एवं काजल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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