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डोईवाला के प्रोफेसर की राष्ट्रीय पहचान, भारतीय ज्ञान परंपरा पर पुस्तक का लोकार्पण।

भारतीय आर्थिक संघ के 108वें अधिवेशन में डॉ. शिवकुमार लाल की कृति का विमोचन, विद्वानों ने की सराहना।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला के अर्थशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार लाल की पुस्तक भारतीय ज्ञान परंपरा: प्रासंगिकता एवं चुनौतियां का राष्ट्रीय स्तर पर विमोचन किया गया। यह विमोचन भारतीय आर्थिक संघ के 108वें वार्षिक अधिवेशन के दौरान वेल्स यूनिवर्सिटी, चेन्नई में संपन्न हुआ।
पुस्तक में भारत की प्राचीन एवं समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए उसकी उपयोगिता को रेखांकित किया गया है। लेखक ने वेदों, उपनिषदों, योग, आयुर्वेद, विज्ञान और भारतीय दार्शनिक चिंतन के विविध पहलुओं को समकालीन सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में प्रस्तुत किया है। पुस्तक यह स्पष्ट करती है कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी नीतिनिर्माण, शिक्षा, जीवनशैली और सतत विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।
पुस्तक का विमोचन प्रोफेसर ए.डी.एन. बाजपेई (कुलपति, बिलासपुर), डॉ. सी. रंगराजन, प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. कौशिक बसु और प्रोफेसर ज्योति मुरधान की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. शिवकुमार लाल की यह कृति अकादमिक जगत के साथ-साथ सामान्य पाठकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है और भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
राष्ट्रीय मंच पर पुस्तक के विमोचन से महाविद्यालय, डोईवाला और क्षेत्र का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने डॉ. शिवकुमार लाल को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इसे शैक्षणिक जगत के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

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