Blog

विश्व दृष्टि दिवस पर हिम्स जौलीग्रांट में जागरूकता कार्यक्रम। (मोबाइल की लत बच्चों की आंखों के लिए खतरनाक)

खबर को सुनें

डोईवाला राजेंद्र वर्मा):
विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट के नेत्र रोग विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ओपीडी में आने वाले लोगों को आंखों की सुरक्षित देखभाल के विषय में जानकारी दी गयी।
गुरुवार को नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऑप्टोमेट्री के छात्र-छात्राओं ने अपनी आंखों से प्यार करें थीम पर ओपीडी में आए मरीजों और उनके तीमारदारों को आंखों की देखभाल को लेकर हेल्थ टॉक दी। उन्होंने नियमित आंखों की जांच, संतुलित आहार और स्क्रीन टाइम कम करने के महत्व पर जानकारी दी। साथ ही पोस्टर के माध्यम से आंखों की सुरक्षित देखभाल को सरल तरीके से समझाया।
इस अवसर पर हिम्स की प्राचार्य डॉ. रेनू धस्माणा ने ओपीडी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आंखें हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील अंग हैं और इनकी देखभाल बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों पर मोबाइल के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई। डॉ. धस्माणा ने कहा कि आजकल बच्चे घंटों मोबाइल और गैजेट्स पर समय बिता रहे हैं, जिससे कम उम्र में ही मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), आंखों में सूखापन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें और उन्हें आउटडोर गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आंखों की देखभाल के लिए लगातार स्क्रीन देखने से बचें और स्क्रीन टाइम कम करंें 20-20-20 रूल का पालन करें, हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें, ज्यादा से ज्यादा समय घर से बाहर बिताएं, नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं, विटामिन-ए से भरपूर संतुलित आहार लें। उन्होंने कहा कि आंखों में किसी प्रकार की समस्या होने पर कोई भी आई ड्राप न डाले बल्कि नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। इस अवसर पर डॉ. हर्ष बहादुर, डॉ. सुकृति उपाध्याय, डॉ. उदित राज शर्मा, डॉ. ललित गुप्ता, डॉ. सिरोली, नीलम तिवारी, कविता, सुबोध गुप्ता, आशीष लोधी, दीपक शुक्ला आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button