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शिक्षा की गुणवत्ता पर लगी ‘डायमंड’ की मुहर, क्यूएस आई-गेज ने एसआरएचयू को दी डायमंड रेटिंग, (उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ एसआरएचयू) (राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन में उत्कृष्ट उपलब्धि, शिक्षा, शोध एवं नवाचार की गुणवत्ता को मिली नई पहचान) (अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण)

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जॉलीग्रांट ने गुणवत्ता आधारित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम की है। विश्वविद्यालय को क्यूएस आई-गेज : 2026 द्वारा ‘डायमंड’ रेटिंग से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध, प्रशासनिक दक्षता, अधोसंरचना, रोजगार क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।
गुरूवार को विश्वविद्यालय के आदि कैलाश सभागार में आयोजित समारोह में क्यूएस आई-गेज के मैनेजिंग डायरेक्टर रविन नायर ने एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना को आधिकारिक ‘ग्रेड कार्ड’ सौंपा।
*विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन*
क्यूएस आई गेज के व्यापक मूल्यांकन में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने अनेक प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट रेटिंग प्राप्त की है।
रेटिंग। मानक।
डायमंड रेटिंग- फैकल्टी गुणवत्ता, विविधता एवं समावेशिता
प्लेटिनम रेटिंग- शिक्षण एवं अधिगम, रोजगार क्षमता, अधोसंरचना एवं सुविधाएं, सामाजिक उत्तरदायित्व, प्रशासन एवं संस्थागत संरचना, शैक्षणिक विकास
गोल्ड रेटिंग- अनुसंधान

संस्थागत गुणवत्ता में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर एसआरएचयू की सराहना।
क्यूएस आई- गेज के मैनेजिंग डायरेक्टर रविन नायर ने कहा कि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने संस्थागत गुणवत्ता के विभिन्न आयामों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। विश्वविद्यालय ने अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रगति करते हुए अपने को लगातार सुदृढ़ किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”।
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि क्यूएस आई-गेज में मिली यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देना है। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के समर्पण का परिणाम है। हम भविष्य में भी वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।”

एआई और इंटीग्रेटिव मेडिसिन पर रहेगा फोकस।
एसआरएचयू के कुलपति डॉ.राजेंद्र डोभाल ने विश्वविद्यालय के आगामी विजन को रेखांकित करते हुए पाठ्यक्रम में एआई (AI) के एकीकरण, चिकित्सा की विभिन्न शाखाओं के समन्वय से ‘इंटीग्रेटिव मेडिसिन’ को बढ़ावा देने और शोध, नवाचार व उद्यमिता के विकास पर विशेष बल दिया। डॉ.डोभाल ने कहा कि इन आधुनिक एवं सुधारात्मक प्रयासों के माध्यम से ही हम शिक्षा के स्तर को उन्नत कर एक बेहतर और स्वर्णिम कल का निर्माण कर सकते हैं।”

शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह।
क्यूएस आई गेज के परिणामों की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा। सभी ने इसे विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, उत्कृष्टता और निरंतर प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.राजेंद्र डोभाल, महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ.विजेंद्र चौहान, प्रति-कुलपति डॉ.अशोक देवराड़ी, वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न संस्थानों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। क्यूएस आई-गेज प्रक्रिया की ओवरऑल कॉर्डिनेटर डॉ. निक्कू यादव रहीं, जिन्होंने पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ.गरिमा कपूर ने कार्यक्रम का संचालन किया।

इन्हें किया गया सम्मानित।
इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. विकास जडौन, प्रिया जेपी नारायण, नितेश कौशिक, गिरीश उनियाल, डॉ. विभोर शर्मा, अमर साठे, अभिषेक चंदोला, डॉ. दीपशिखा, डॉ. विजय कुमार, डॉ. माला त्रिपाठी, डॉ. आशुतोष भट्ट, डॉ. अनुपमा मिश्रा, पूजा कंडारी, डॉ. हरविंद्र सिंह, एकता राव, पीयूष ध्यानी, गुरजीत पाल सिंह, डॉ. आयुष्मान श्रीवास्तव, प्रवीन मौर्य, राजेश कांडवाल, सुंदर लाल भट्ट, डॉ. विशाल राजपूत, डॉ. गीता भंडारी, डॉ. रुचि जुयाल, डॉ. नुपुर जोशी, डॉ. उज्जवल नौटियाल, डॉ. निक्कू यादव, डॉ. ग्रेस मैडोना सिंह तथा डॉ. आशुतोष कुमार चौधरी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

क्या है क्यूएस आई-गेज ?।
क्यूएस आई-गेज भारत की एक स्वतंत्र एवं विश्वसनीय शिक्षा गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली है, जिसे क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स और भारतीय शिक्षा विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित किया गया है। यह विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन शिक्षण, फैकल्टी, अनुसंधान, रोजगार क्षमता, अधोसंरचना, प्रशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विभिन्न मानकों पर करता है तथा उनके प्रदर्शन के आधार पर डायमंड, प्लेटिनम, गोल्ड आदि रेटिंग प्रदान करता है। यह रेटिंग संस्थानों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और वैश्विक मानकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पहले भी मिल चुकी हैं अनेक राष्ट्रीय एवं वैश्विक उपलब्धियां।
एसआरएचयू ने हाल ही में टाइम्स हायर एजुकेशन इंपैक्ट रैंकिंग 2026 में वैश्विक स्तर पर 201–300 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त कर चुका है। इसके अलावा विश्वविद्यालय को नैक से ए+ ग्रेड तथा एनआईआरएफ सहित विभिन्न राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रणालियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मान्यता मिल चुकी है। क्यूएस आई गेज का प्रदर्शन विश्वविद्यालय की गुणवत्ता यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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