4 घंटे तक ब्लड बैंक में डटे रहे हाजी जाहिद हुसैन, एसडीपी रक्तदान कर कैंसर मरीज को दिया जीवनदान, (40 किमी का सफर, अनजान मरीज के लिए निस्वार्थ सेवा एक मदद ब्लड ग्रुप समिति की तत्परता से बची 60 वर्षीय महिला की जान)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला की सामाजिक संस्था एक मदद ब्लड ग्रुप समिति ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। समिति के सक्रिय सदस्य हाजी जाहिद हुसैन ने समय पर एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) रक्तदान कर एक गंभीर रूप से बीमार कैंसर मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार हिमालयन जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती 60 वर्षीय साधना रस्तोगी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने बी पॉजिटिव एसडीपी की तत्काल जरूरत बताई। रक्त की व्यवस्था न होने से मरीज के परिजन बेहद चिंतित थे।
इस आपात स्थिति में परिजनों ने एक मदद ब्लड ग्रुप समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष साकिर हुसैन से संपर्क किया। सूचना मिलते ही साकिर हुसैन ने समिति के समर्पित सदस्य हाजी जाहिद हुसैन को अवगत कराया। हाजी जाहिद हुसैन ने बिना देर किए देहरादून के भूडडी गांव से लगभग 40 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल पहुंचकर रक्तदान के लिए खुद को प्रस्तुत किया।
आवश्यक जांच के बाद वे एसडीपी के लिए उपयुक्त डोनर पाए गए। इसके बाद हाजी जाहिद हुसैन ने करीब 4 घंटे तक ब्लड बैंक में रहकर एक अनजान मरीज के लिए एसडीपी रक्तदान किया। उनके इस समयबद्ध और निस्वार्थ प्रयास से मरीज की जान बच सकी और परिजनों ने राहत की सांस ली।
समिति के पदाधिकारियों ने हाजी जाहिद हुसैन के इस अनुकरणीय कार्य पर उनका आभार जताते हुए कहा कि वे इससे पहले भी कई बार रक्तदान कर जरूरतमंदों को जीवनदान दे चुके हैं। 53 वर्ष की उम्र में भी उनका यह जज्बा और सेवा भाव समाज, खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
हाजी जाहिद हुसैन का यह कार्य साबित करता है कि सही समय पर किया गया एक छोटा सा प्रयास किसी की जिंदगी बचाने में कितना बड़ा योगदान दे सकता है।



