आपदा से लड़ाई में तकनीक के साथ संवेदना जरूरी।अर्पण यदुवंशी (जॉलीग्रांट स्थित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल वाहिनी मुख्यालय में 54 आपदा मित्रों का 12 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, शुरुआती घंटों में राहत कार्यों को मिलेगी मजबूती)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
राज्य में आपदा की स्थिति में त्वरित, प्रभावी और मानवीय राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जॉलीग्रांट स्थित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल वाहिनी (एसडीआरएफ) मुख्यालय में हरिद्वार जनपद के 54 आपदा मित्रों का 12 दिवसीय आपदा प्रबंधन का मूलभूत प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण 22 जून से प्रारंभ हुआ था, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की बुनियादी समझ के साथ विभिन्न आपात परिस्थितियों में कार्य करने का गहन व्यवहारिक अभ्यास कराया गया। इसमें प्राथमिक उपचार एवं मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर, बाढ़ में राहत एवं बचाव, खोज एवं बचाव अभियान,
रासायनिक-जैविक-विकिरण-परमाणु आपदाओं से निपटने की प्रक्रिया तथा ढही हुई इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
समापन अवसर पर सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि आपदा से लड़ाई केवल आधुनिक तकनीक और उपकरणों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसमें मानवीय संवेदना और सेवा भाव की भी उतनी ही आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सबसे पहले स्थानीय लोग ही मदद के लिए आगे आते हैं और प्रशिक्षित आपदा मित्र शुरुआती घंटों में राहत एवं बचाव कार्यों की सबसे मजबूत कड़ी साबित होते हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण आपदा मित्रों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाता है, बल्कि उन्हें अनुशासन, धैर्य और पीड़ितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी सिखाता है। प्रशिक्षित आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाकर और आवश्यकता पड़ने पर साहसपूर्वक कार्य कर राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावशाली बनायेगे।



