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बीडीसी बैठक रही हंगामेदार, वन और विद्युत विभाग पर बरसे क्षेत्र पंचायत सदस्य। (बीडीसी बैठक में उच्च अधिकारियों के नहीं पहुंचने से नाराजगी, समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सदस्यों ने जताया आक्रोश)

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
ब्लॉक सभागार में मंगलवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों के सामने जमकर नाराजगी जताई। सबसे अधिक नाराजगी वन विभाग और विद्युत विभाग के खिलाफ देखने को मिली। सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से समस्याएं उठाने के बावजूद कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, कई विभागों के उच्च अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने पर भी सदस्यों ने सवाल उठाए।

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बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, जल निगम, विद्युत विभाग (यूपीसीएल), सिंचाई विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, सहकारिता विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, पर्यटन विभाग, पुलिस विभाग और विकासखंड कार्यालय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं रखी गईं।

क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने वन विभाग से जुड़े मामलों को लेकर तीखे सवाल उठाए। ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही, फसलों को होने वाले नुकसान और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सदस्यों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। सदस्यों का कहना था कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मौके पर कार्रवाई की जानी चाहिए। केवल बैठकों में आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

विद्युत विभाग के खिलाफ भी सदस्यों ने जमकर आक्रोश जताया। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर सदस्यों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि कई गांवों में बिजली से संबंधित शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उनका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। सदस्यों ने विद्युत व्यवस्था में सुधार और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।

बैठक में सदस्यों ने कहा कि बीडीसी बैठक में क्षेत्र की महत्वपूर्ण समस्याएं उठाई जाती हैं, लेकिन संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के मौजूद नहीं रहने से समस्याओं पर ठोस जवाब नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारी बैठक में ही उपस्थित नहीं होंगे तो समस्याओं के समाधान की समयसीमा कैसे तय होगी। सदस्यों ने अगली बैठकों में सभी संबंधित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की।

ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा कि क्षेत्र पंचायत बैठक ग्रामीणों की समस्याओं को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच है। जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन और विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने को कहा गया है।

जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मामलों की विभागवार समीक्षा की जाएगी और लंबित समस्याओं के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई।

सदस्यों ने कहा कि बैठक में उठाई गई समस्याओं का धरातल पर समाधान होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें।
दौरान खंड विकास अधिकारी परशुराम सकलानी, धनवीर बेंदवाल, बीना देवी, आशिया परवीन, जसविंदर कौर, संजीव नेगी, रवि कुमार, माधुरी देवी, इंद्रजीत सिंह, पिंकी देवी आदि क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद रहे।

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