डोईवाला कॉलेज में स्टार्टअप सोच को मिली धार, (देवभूमि उद्यमिता योजना’ के तहत 150 छात्रों को मिला उद्यमिता का व्यावहारिक प्रशिक्षण)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक ठोस पहल के तहत शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में बुधवार को एक दिवसीय उद्यमिता अभिविन्यास (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार का उच्च शिक्षा विभाग की पहल पर संपन्न हुआ।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डी.पी. भट्ट के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के बीच स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना और उन्हें नवाचार, उद्यमिता तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसाय विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकायों के लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. त्रिभुवन चंद्र के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और देवभूमि उद्यमिता योजना इसी दिशा में एक प्रभावी मंच प्रदान कर रही है।
योजना की प्रशिक्षक सपना नेगी ने प्रतिभागियों को योजना की रूपरेखा, आइडिएशन, बाजार की पहचान, स्थानीय जरूरतों पर आधारित स्टार्टअप अवसरों और उपलब्ध वित्तीय व मेंटरशिप सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को अपने विचारों को व्यवहारिक व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से आवासीय बूट कैंप के लिए मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्रों को आगामी चरण में विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तिगत मेंटरशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. प्रीतपाल सिंह, डॉ. राखी पंचोला, डॉ. अंजलि वर्मा, डॉ. संगीता रावत, डॉ. पूनम रावत, डॉ. पूरन सिंह खाती, डॉ. राकेश भट्ट, डॉ. सुजाता सिंह, डॉ. आशा रोंगली, डॉ. सतीश पंत, डॉ. अनुराग भंडारी, डॉ. पुष्पा नेगी, डॉ. कुंवर सिंह, डॉ. शशि बाला उनियाल तथा अमित नेगी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।



