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डोईवाला पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमराई, पालिका–कर्मचारी वार्ता बेनतीजा, (बाजार और आवासीय क्षेत्रों में गंदगी के ढेर, आमजन परेशान)

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला नगर पालिका अध्यक्ष और आउटसोर्स कर्मचारियों/पर्यावरण मित्रों के बीच हुई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। इसका सीधा असर नगर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है।

नगर पालिका के लगभग 200 आउटसोर्स कर्मचारी, कूड़ा वाहन चालक, सहायक और पर्यावरण मित्र अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल का असर नगर के सभी 20 वार्डों में देखने को मिल रहा है। कई क्षेत्रों में कूड़ा न उठने से सड़कों, बाजारों और आवासीय इलाकों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में कटौती, समय पर भुगतान न होना, काम का बढ़ता दबाव, सुरक्षा उपकरणों की कमी और सेवा शर्तों में स्पष्टता का अभाव उनकी प्रमुख समस्याएं हैं। इन मुद्दों को लेकर वे कई बार नगर पालिका परिषद डोईवाला प्रशासन के सामने अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन समाधान न मिलने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता गया।

पर्यावरण मित्रों ने दो टूक कहा कि अब किसी भी तरह का मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

श्रमिक नेता एवं सभासद संदीप नेगी ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर की अनिवार्य सेवा से जुड़े हैं। उनकी उपेक्षा के कारण ही आज सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।

पूर्व सभासद हिमांशु राणा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और नगर पालिका को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द लिखित निर्णय लेना चाहिए।

व सभासद प्रदीप नेगी जेटली ने कहा कि वे वाहन चालक, सहायक और पर्यावरण मित्रों के साथ हैं और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएंगे।

कर्मचारी नेता सौरव ने कहा कि जब तक मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और कर्मचारी अपने हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।

नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार द्वारा भी लिखित रूप में नगर पालिका को पत्र दिया गया है। कर्मचारियों की सभी मांगों पर उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे हमेशा कर्मचारियों के साथ हैं और संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है।

इस दौरान सभासद गौरव महलोत्रा, सामाजिक कार्यकर्ता राजवीर खत्री, अनिल कुमार, सचिन कुमार, मनोज कुमार, सूरज, रामवीर, रामपाल, आकाश, नितेश, राजेश, महेंद्र, अंकित, जितेंद्र कुमार, अरविंद, आदर्श, विनोद, रीना, आशा, गायत्री, सरिता, सविता देवी, बाला देवी, रेखा, संतोष सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्र मौजूद रहे।

सफाई कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगें ।

1-पूर्व की भांति पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए।
2-समय पर वेतन दिया जाए।
श्रम नियमों के अनुसार 3-साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए।
4-उपार्जित अवकाश (ईएल) का लाभ दिया जाए।
5-आकस्मिक अवकाश (सीएल) प्रदान किया जाए।
6-अतिरिक्त कार्य के लिए दुगना ओवरटाइम भुगतान किया जाए।
7-ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
8-सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जाए।
9-सभी कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स एवं बूट्स उपलब्ध कराए जाएं।
10-बिना संसाधनों के काम कराने की व्यवस्था समाप्त की जाए।
11-कूड़ा उठान वाहनों के टायर पंचर, हवा या अन्य खराबी की स्थिति में उसका खर्च नगर पालिका द्वारा वहन किया जाए।
12-कार्य स्थल पर ड्यूटी के समय उपस्थिति पंजिका उपलब्ध कराई जाए।
13-सफाई कर्मचारियों से जबरन अतिरिक्त कार्य न कराया जाए।
14-वेतन भुगतान में की जा रही अनियमितताओं को तत्काल समाप्त किया जाए।
15 -सुपरवाइजर अजय चौहान द्वारा कर्मचारियों के मानसिक, शारीरिक व आर्थिक शोषण के आरोपों की जांच कर उन्हें तत्काल यहां से हटाया जाए।

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