निजी कंपनी में घटा वेतन, कूड़ा वाहन चालकों–हेल्परों ने रोका काम, (वेतन कटौती से नाराज कर्मचारियों का विरोध, 20 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
नगर पालिका की ओर से पहले कूड़ा वाहन चालक को ₹633 प्रतिदिन और हेल्पर को ₹500 प्रतिदिन का भुगतान किया जाता था, लेकिन सफाई व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपे जाने के बाद चालकों को ₹563 और हेल्परों को मात्र ₹330 प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। वेतन में इस भारी कटौती से नाराज कूड़ा वाहन चालकों और हेल्परों ने काम करने से इनकार कर दिया और निजी कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया I जिससे नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई।
बताया गया कि नगर पालिका ने 1 मई से कूड़ा वाहनों के संचालन और घर-घर कूड़ा संग्रह का कार्य निजी कंपनी को सौंप दिया है। इसके बाद से ही कर्मचारियों के वेतन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कर्मचारियों का कहना है कि पहले जो मेहनताना मिलता था, वह अब नहीं दिया जा रहा, जबकि काम का बोझ पहले जैसा ही है।
करीब 50 चालक और हेल्पर नगर पालिका क्षेत्र के 20 वार्डों में रोजाना घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा कर वाहनों में डालते हैं। कम वेतन के चलते कर्मचारियों में रोष है और इसका सीधा असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
कूड़ा वाहन चालक गौतम मौर्य ने कहा कि नगर पालिका के समय हमें तय मानकों के अनुसार वेतन मिलता था, लेकिन निजी कंपनी आने के बाद हमारी मजदूरी घटा दी गई। इतने कम पैसों में घर चलाना संभव नहीं है,
कूड़ा वाहन चालक अनिल ने बताया कि काम पहले से ज्यादा है, लेकिन वेतन काफी कम कर दिया गया है। कई बार समय पर भुगतान भी नहीं होता।
निजी कंपनी नंदिनी ग्रुप मुजफ्फरपुर बिहार के ठेकेदार मनोज कुमार वत्स ने बताया कि उत्तराखंड शासनादेश के अनुसार ही कूड़ा वाहन चालकों और हेल्परों को मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी प्रकार की मनमानी नहीं की जा रही है और सभी कर्मचारियों को नियमों के तहत ही पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
कूड़ा वाहन न चलने से कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं, जिससे लोगों को गंदगी और दुर्गंध की परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
इस दौरान प्रकाश, सुभाष हरीश राजकुमार राजेंद्र सतीश रोहित कार्तिक सूरज अरुण, विशाल, सुभाष,लक्की यादव, शिवम शुभम संदीप आदि मौजूद रहे।



