रानी पोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की मांग ने पकड़ा जोर, (कर्मिक अनशन पर बैठे ब्लॉक प्रमुख और आंदोलनकारी, सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग उठाई)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
रानीपोखरी भट्टनगरी क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर जनआंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। वर्षों से लंबित इस मांग के समर्थन में क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने कार्मिक अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कर्मिक अनशन पर ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी, ग्राम प्रधान अनूप चौहान, पंकज यादव, सुधीर रावत और रविंद्र रावत बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि रानी पोखरी भट्टनगरी क्षेत्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के लिए हर दृष्टि से उपयुक्त है। यहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के साथ-साथ यह स्थान शैक्षणिक और भौगोलिक रूप से भी अनुकूल है, इसके बावजूद सरकार द्वारा अब तक निर्णय नहीं लिया जाना निराशाजनक है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना से न केवल रानी पोखरी, बल्कि पूरे परवादून क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय विधिक शिक्षा के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
कर्मिक अनशन पर बैठे डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना पूरे क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यह परवादून ही नहीं, बल्कि पूरे देहरादून जनपद के लिए गौरव की बात होगी। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए
प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। रानीपोखरी भट्टनगरी इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह संघर्ष क्षेत्र के भविष्य और युवाओं के अधिकारों से जुड़ा है।
इस दौरान सतीश सेमवाल, दौलतराम पेटवाल, सुनील शर्मा, रघुवीर सिंह सोलंकी, पंकज यादव, संदीप पुंडीर,कृष्ण मोहन बिष्ट, कलम सिंह सोलंकी, कमला देवी, अनीता राणा, पूनम उनियाल, सावित्री देवी लक्ष्मी देवी आदि जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।



