हिमालय के जल और भविष्य पर एसआरएचयू में राष्ट्रीय मंथन। (जल एवं स्वच्छता के अधिकार पर 11 सितंबर को राष्ट्रीय सेमिनार, युवाओं की भागीदारी और सतत जल शासन पर विशेषज्ञ रखेंगे विचार)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
मालयी क्षेत्र में जल एवं स्वच्छता के अधिकार, जल संरक्षण और सतत जल शासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट की ओर से 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के जल एवं स्वच्छता विभाग (वाटसन) के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित यह सेमिनार एसआरएचयू के आदि-कैलाश सभागार में होगा।
सेमिनार का विषय “जल एवं स्वच्छता का अधिकारः हिमालयी क्षेत्र में सुजलाम एवं सतत जल शासन के लिए युवाओं की भागीदारी” रखा गया है। कार्यक्रम में हिमालयी क्षेत्र में जल संसाधनों के संरक्षण, जल एवं स्वच्छता के अधिकार, जल प्रबंधन तथा सतत जल शासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा।
वाटसन के उप-निदेशक नितेश कौशिक ने बताया कि सेमिनार का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को जल संरक्षण और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में जल संसाधनों के संरक्षण और बेहतर जल शासन के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। सेमिनार में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनभागीदारी को जल संरक्षण के प्रयासों से जोड़कर प्रभावी एवं दीर्घकालिक परिणाम कैसे हासिल किए जा सकते हैं।



