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अठूरवाला की रामलीला में श्रीराम को हुआ 14 वर्ष का वनवास, दशरथ–केकई संवादों ने बाँधा समा।

डॉ. राकेश भट्ट और डॉ. ममता कुंवर के मार्मिक अभिनय से भावविभोर हुआ अठूरवाला का मंच।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति द्वारा आयोजित प्रथम भव्य रामलीला के अंतर्गत सोमवार की रात का मंचन दर्शकों के लिए भावनाओं का अद्भुत संगम बन गया। रामलीला का शुभारंभ समिति के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर किया, जिसके साथ ही श्रद्धा और भक्ति का माहौल पूरे पंडाल में फैल गया।

मंच पर जब दशरथ–केकई संवाद हुआ और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिलने का प्रसंग आया, तो पूरा वातावरण करुण रस से भर उठा। दर्शकों की आँखें नम हो गईं, और मंच पर मानो अयोध्या की पीड़ा जीवंत हो उठी।

डॉ. राकेश भट्ट ने राजा दशरथ के रूप में पिता के हृदय की वेदना, पुत्र-वियोग का दर्द और राजधर्म के संघर्ष को इतनी गहराई से व्यक्त किया कि हर दर्शक भाव-विह्वल हो गया। उनके स्वर, संवाद और भावभंगिमा ने मंच को संवेदना से भर दिया।

वहीं डॉ. ममता कुंवर ने केकई के चरित्र को एक द्वंद्वग्रस्त, पर दृढ़ स्त्री के रूप में प्रस्तुत किया, जो अपने वचन, पुत्र और मर्यादा के बीच झूलती रही। उनके अभिनय ने यह संदेश दिया कि केकई केवल नकारात्मक नहीं, बल्कि धर्म और नीति के मार्ग पर चलने वाली एक सशक्त स्त्री थी।

समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल ने कहा कि यह अभिनय केवल प्रस्तुति नहीं, संस्कृति और संवेदना का पुनर्जागरण है।
महासचिव करतार नेगी ने बताया कि रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से हो रहा है और 3 नवम्बर को रामराज्याभिषेक के साथ इसका भव्य समापन किया जाएगा।
इस दौरान दीपक नेगी, अंशिका डोभाल, राजेश कुंवर, वीरेंद्र सिंह नेगी,राकेश चौहान, केंद्रपाल तोपवाल, यशवंत सिंह गुसांईं, सुमेर सिंह नेगी, बृजलाल, कमल सिंह राणा, वीरेंद्र रावत, सुधीर रावत आदि मौजूद रहे ।

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