योग भारत की सनातन विरासत, विश्व को दिखा रहा है स्वस्थ जीवन का मार्ग। निशंक (योगाभ्यास, हर माह योग अभियान चलाने का संकल्प 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के प्रथम लेखक गाँव थानो में हिमालयीय)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, डोईवाला एवं स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर योग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लेखक गाँव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की सनातन सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन की पूर्ण जीवन पद्धति है। वर्तमान समय में तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के योग विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशीष डोभाल ने आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि योग स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं से योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में यह भी संकल्प लिया गया कि लेखक गाँव से जुड़ी संस्थाएं प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को लेखक गाँव परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग अभियान संचालित करेंगी, जिसके अंतर्गत नियमित योगाभ्यास, ध्यान साधना और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का संयोजन हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राकेश सुंदरियाल, हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जी.एस. इन्दौरिया, डॉ. निशांत राय जैन, डॉ. भाग्य लक्ष्मी, डॉ. विपिन भट्ट, डॉ. गजानंद, डॉ. बेचैन कन्डियाल, संयुक्त निदेशक प्रदीप कोठियाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, चिकित्सक, योग साधक, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



