धान की फसल के लिए वरदान बनी बारिश, गन्ने को भी मिला संजीवनी, (समय पर बारिश से धान की रोपाई और बढ़वार तेज, गन्ने की हरियाली लौटी)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
क्षेत्र में हुई संतुलित और लगातार बारिश धान की खेती के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। खेतों में पर्याप्त नमी रहने से धान की रोपाई तेजी से हो रहा है I
किसानों का कहना है कि इस बार मानसून का साथ मिलने से धान की जड़ें अच्छी तरह जम रजाएगी , जिससे आगे चलकर बालियों की संख्या और दाने की गुणवत्ता बेहतर होगी।
किसान सुरेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि बारिश से नर्सरी और रोपाई दोनों कार्य समय पर पूरे हो जायेगे । खेतों में पानी का सही स्तर बना हुआ है, जिससे पौधों की बढ़वार तेजी से और फसल स्वस्थ देखेगी I
किसान मनीष नैथानी ने कहा कि बारिश के बाद धान के पौधों में हरियाली और मजबूती आएगी,इससे रोग-कीट लगने की आशंका कम हुई है और पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद बढ़ी है।
वहीं किसान सुरेंद्र राणा ने बताया कि प्राकृतिक बारिश से सिंचाई का खर्च काफी हद तक कम हुआ है। खेतों में समान रूप से नमी मिलने से धान की फसल को अच्छा पोषण मिल मिलेगा I
धान के साथ-साथ बारिश गन्ने की फसल के लिए भी राहत लेकर आई है। लंबे समय से सूखेपन से जूझ रही गन्ने की फसल में अब नई बढ़वार दिखने लगी है। किसानों का कहना है कि इससे गन्ने के तनों की मोटाई और ऊंचाई में सुधार होगा, जो उत्पादन बढ़ाने में सहायक रहेगा।
सहायक कृषि अधिकारी अजय टम्टा ने बताया कि यह बारिश धान और गन्ना दोनों फसलों के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा कि धान को शुरुआती अवस्था में लगातार नमी की आवश्यकता होती है, जो इस बारिश से पूरी हो जाएगी,वहीं गन्ने की फसल में भी नई बढ़वार को बल मिला है। किसानों को समय पर निराई-गुड़ाई और संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई है।



