पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्रीय मुहिम बनी आरुषि निशंक की ‘केदार ड्राइव। (स्वच्छता, पौधरोपण और हिमालय की जैव विविधता बचाने के लिए जुटेंगे युवा)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
हिमालय की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करने और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से आरुषि निशंक ने ‘यूथ4 राइजिंग भारत–केदार ड्राइव 2026’ की शुरुआत की। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अभियान के तहत युवाओं को स्वच्छता, सतत जीवनशैली और हिमालय की जैव विविधता बचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। केदारनाथ धाम इसका प्रमुख पड़ाव रहेगा।
अभियान में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। इसके माध्यम से 10 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नई मजबूती दे सकती है।
आरुषि निशंक ने कहा कि हिमालय की नदियों, वनों और जैव विविधता की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता को धरातल पर उतारना और युवाओं को प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना है।
अभियान के तहत पौधरोपण, स्वच्छता, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, कचरे के उचित प्रबंधन और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन और ‘एक पेड़ मां के नाम’ की भावना से प्रेरित यह पहल तीर्थस्थलों की स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश भी देगी।
आरुषि निशंक स्पर्श गंगा अभियान की सह-संस्थापक और ‘प्लास्टिक से पुण्य’ पहल की संस्थापक हैं। वह सामाजिक गतिविधियों और रचनात्मक मंचों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में जुटी हैं।



