राम वनवास का मार्मिक मंचन देख भावुक हुए दर्शक, (कलाकारों ने छोड़ी छाप) (अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति की रामलीला में जीवंत हुए कैकेयी के कोप भवन के प्रसंग)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भानिया वाला अठूरवाला मे आयोजित अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति की ओर से आयोजित रामलीला में कैकेयी के कोप भवन और भगवान राम के वनवास के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। मुख्य अतिथि राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी और सभासद प्रदीप नेगी जेटली ने दीप प्रज्वलित और पूजा अर्चना कर रामलीला का शुभारंभ किया।
राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवंत रखने का सशक्त माध्यम है। इससे नई पीढ़ी को त्याग, मर्यादा और कर्तव्यपालन की प्रेरणा मिलती है।
सभासद प्रदीप नेगी जेटली ने कहा कि भगवान राम का जीवन आदर्शों और मर्यादा का प्रतीक है। रामलीला के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों का संदेश पहुंचता है।
रामलीला में कैकेयी के कोप भवन में जाने, राजा दशरथ से दो वरदान मांगने और भगवान राम को वनवास दिए जाने के प्रसंगों का मंचन किया गया। पिता के वचन की मर्यादा निभाने के लिए भगवान राम ने सहर्ष वन जाने का निर्णय लिया। वहीं, पुत्र वियोग की आशंका से व्याकुल राजा दशरथ के अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों से रामायण के इन मार्मिक प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। मंचन के माध्यम से त्याग, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश दिया गया।
इस दौरान समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल, निर्देशिका डॉ ममता कुंवर,सभासद ईश्वर रौथान, संदीप नेगी, करतार सिंह नेगी,बालेंद्र सजवान, संजय चमोली, अंशिका डोभाल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।



