अंगद की ललकार से रावण के दरबार में मचा हड़कंप, योद्धा भी नहीं हिला सके पैर। (लक्ष्मण शक्ति प्रसंग ने किया भावुक, संजीवनी लेकर पहुंचे हनुमान के मंचन पर गूंजे जयकारे)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला के मोलधार में अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति की ओर से आयोजित रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व दर्जाधारी करन बोहरा ने दीप प्रज्वलित कर कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों की जीवंत पहचान है।
भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन हमें मर्यादा, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
रामलीला में अंगद-रावण संवाद का शानदार मंचन किया गया। अंगद ने रावण के दरबार में पैर जमाकर चुनौती दी, लेकिन रावण के बलशाली योद्धा भी उनका पैर नहीं हिला सके। इस दृश्य पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
वहीं, मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर श्रीराम की व्याकुलता का मार्मिक मंचन किया गया। भाई के प्रति श्रीराम का प्रेम देखकर दर्शक भावुक हो उठे। इसके बाद हनुमान के संजीवनी बूटी लेकर लौटने के दृश्य ने दर्शकों में उत्साह भर दिया और पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
इस दौरान समिति उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल, निर्देशिका ममता कर, करतार नेगी, अंशिका डोभाल, राजेश कुंवर, केंद्र पाल सिंह तोपवाल आदि मौजूद रहे।



