एसआरएचयू में हेल्थ साइंसेज लाइब्रेरीज की बेस्ट प्रैक्टिसेज पर मंथन। (भविष्य के लिए तैयार होंगी मेडिकल लाइब्रेरीज, एसआरएचयू में जुटे 17 संस्थानों के विशेषज्ञ)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के लाइब्रेरी सिस्टम द्वारा वोल्टर्स क्लूवर के सहयोग से “बेस्ट प्रैक्टिसेज इन हेल्थ साइंसेज लाइब्रेरीजः बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी नॉलेज इकोसिस्टम” विषय पर एक दिवसीय राउंड टेबल चर्चा का आयोजन किया गया।
बीसी रॉय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। मुख्य अतिथि एसआरएचयू के कुलपति डॉ. प्रसाद ए वाडेगांवकर ने कहा कि भविष्य के लिए तैयार नॉलेज इकोसिस्टम विकसित करने में मेडिकल लाइब्रेरीज का योगदान लगातार बढ़ रहा है। कहा कि लाइब्रेरीज को नई तकनीकों, डिजिटल संसाधनों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बदलती यूजर जरूरतों के अनुसार खुद को लगातार अपडेट करना होगा तभी हम छात्र, शिक्षक और शोधकर्ताओं को बेहतर सेवाएं दे पाएंगे।
प्रति कुलपति डॉ. ए.के. देवरारी ने कहा कि मेडिकल लाइब्रेरीज की भूमिका अब केवल किताबें रखने तक सीमित नहीं है। आज लाइब्रेरी शिक्षण, रिसर्च, क्लीनिकल प्रैक्टिस और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कहा कि बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाकर और साझा करके ही हम अपने संस्थानों के नॉलेज मैनेजमेंट को मजबूत कर सकते हैं।
इससे पूर्व पुस्तकालयाध्यक्ष एवं समन्वयक योगेन्द्र सिंह ने कहा कि हेल्थ साइंसेज लाइब्रेरीज को मजबूत बनाने के लिए आपसी सहयोग और ज्ञान का आदान-प्रदान बहुत जरूरी है। इस तरह के मंच से हम एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकते हैं और अपनी लाइब्रेरी सेवाओं को बेहतर बना सकते हैं।
इस दौरान आयोजित राउंड टेबल चर्चा में एम्स, आईआईएसईआर, आईआईटी सहित सरकारी और निजी संस्थानों के 17 मेडिकल लाइब्रेरियन और विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-रिसोर्सेज, रिसर्च सपोर्ट, यूजर-सेंट्रिक सेवाएं, रिसोर्स शेयरिंग और लाइब्रेरी प्रबंधन के नए मॉडल जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ।



