गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने में जनभागीदारी जरूरी, महाविद्यालय में नमामि गंगे कार्यक्रम शुरू। (छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने ली गंगा संरक्षण की शपथ, जलीय जीवों और जैव विविधता बचाने पर दिया जोर)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को नमामि गंगे कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रभारी प्राचार्य प्रो. संगीता बहुगुणा ने छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को गंगा संरक्षण की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश सेमवाल ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम का उद्देश्य गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने के साथ जलीय जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके तहत नदियों में गंदे पानी और औद्योगिक कचरे को जाने से रोकने, नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने और तटीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गंगा डॉल्फिन, घड़ियाल, कछुए और गोल्डन महासीर जैसी जलीय प्रजातियों का संरक्षण भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नदियों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए जनभागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम में डॉ. अर्चना नेगी, प्रो. नवीन नैथानी, प्रो. राकेश जोशी, डॉ. हर्ष नेगी, डॉ. पुष्पा नेगी, डॉ. पूरन सिंह खाती, डॉ. पूनम रावत, डॉ. संगीता रावत, डॉ. पंकज पांडे, डॉ. संजीब नेगी, डॉ. शिवकुमार लाल, डॉ. पल्लवी मिश्रा और डॉ. चंद्रकला नेगी सहित एनसीसी और नमामि गंगे इकाई के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



