भगवान श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह से जुड़े अनेकों प्रेरणादायक प्रसंगों के भावपूर्ण वर्णन से श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
कथा में पहुंचे पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने व्यास गद्दी पर विराजमान व्यास जी का किया आशीर्वाद प्राप्त।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
ऋषिकेश रोड पर स्थित बाला जी फार्म में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी ने गोवर्धन महाराज की महिमा तथा भगवान श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह से जुड़े अनेकों प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
व्यास गद्दी पर विराजमान पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनुष्य कभी भगवान नहीं हो सकता, किंतु भक्ति, सेवा और सदाचार के माध्यम से वह ईश्वर के निकट अवश्य पहुंच सकता है। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
“कथा के अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल, पद्म विभूषण से सम्मानित श्री भगत सिंह कोश्यारी जी का आगमन हुआ। डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा उनका स्वागत एवं सम्मान किया गया। श्री कोश्यारी जी ने व्यास गद्दी पर विराजमान व्यास जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।”
इस अवसर पर डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, जिला अध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल, श्याम सिंह रावत, अमन त्यागी, चंद्र मोहन पोखरियाल, अनीता तिवारी, लक्ष्मी सेमवाल, नीलम चमोली, ईश्वर चंद्र अग्रवाल, धर्मो देवी, निशा अग्रवाल, शशि प्रभा अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, कीर्ति अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, अर्थ, पीयूष अग्रवाल, गगन नारंग, बाला देवी, आनंद गुप्ता, कीर्ति अग्रवाल, नीरज गोयल, संपूर्णानंद थपलियाल, इंद्रेश अरोड़ा, अनिल सिंघल, सुरेंद्र बाली, राजवीर खत्री, अनिल सिंघल विनीता बाली सुभाष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



