प्रधानमंत्री संग्रहालय में ‘किर्तघान’ का लोकार्पण। (डॉ. लवली शर्मा के डोगरी अनुवाद को सराहना, डॉ. निशंक और केंद्रीय कानून मंत्री समेत कई गणमान्य रहे मौजूद)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नई दिल्ली में रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के चर्चित उपन्यास ‘कृतघ्न’ के डोगरी अनुवाद ‘किर्तघान’ का लोकार्पण किया गया। इसका अनुवाद जम्मू-कश्मीर की वरिष्ठ लेखिका, शिक्षाविद् एवं अनुवादक डॉ. लवली शर्मा ने किया है।
पुस्तक का लोकार्पण डॉ. निशंक, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र तथा संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुआ।
डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि ‘कृतघ्न’ का अपनी मातृभाषा डोगरी में अनुवाद करना उनके लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी उपन्यास का अनुवाद कर उसे पाठकों तक पहुंचाना उनका सपना था।
उन्होंने बताया कि ‘किर्तघान’ आज के समाज में टूटते रिश्तों, संवेदनाओं की कमी और बढ़ती स्वार्थपरता को उजागर करता है। उपन्यास मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों के संघर्ष के साथ घटते नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों पर भी विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
डॉ. लवली शर्मा को शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2017 में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। समारोह में साहित्य, शिक्षा, संस्कृति, प्रशासन, मीडिया और सामाजिक सेवा से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे।



