रामलीला में हनुमान के शौर्य और भक्ति ने मोहा मन। (अशोक वाटिका, सीता संवाद और रामसेतु निर्माण के प्रसंग बने आकर्षण का केंद्र)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति की ओर से आयोजित रामलीला में मुख्य अतिथि प्रदेश प्रवक्ता मनोज जखमोला ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कर कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और संस्कारों की अनमोल धरोहर है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की सीख देता है। हनुमान का अद्भुत समर्पण और रामसेतु निर्माण सामूहिक शक्ति व एकता का संदेश देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रामलीला में कलाकारों ने अशोक वाटिका, हनुमान-सीता संवाद, रावण दरबार, लंका दहन और रामसेतु निर्माण के प्रसंगों का सजीव मंचन किया। अशोक वाटिका में माता सीता की खोज करते हनुमान, रावण के दरबार में उनकी निर्भीक ललकार और सोने की लंका को अग्नि के हवाले करने के दृश्य ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। वहीं रामसेतु निर्माण के प्रसंग में वानर सेना के उत्साह और सामूहिक प्रयास का सुंदर चित्रण किया गया।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल, निर्देशिका डॉ ममता कुंवर, करतार सिंह, केंद्र पाल सिंह तोपवाल, संजय चमोली, अंशिका डोभाल आदि मौजूद रहे।



