शहीदों का अपमान नहीं सहेंगे। मनोज काम्बोज (शहीद उधम सिंह जी के शहीद दिवस पर उन्हें शत शत नमन)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भारत के महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह जी ने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देश की स्वतंत्रता और न्याय के लिए दिया। उनका नाम त्याग, साहस और देशभक्ति का प्रतीक है। ऐसे महान वीर के शहीद दिवस पर जब देशभर में श्रद्धांजलि दी जाती है, तब अपेक्षा की जाती है कि हर नागरिक उनके आदर्शों को अपनाए और उनके बलिदान का सम्मान करे।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज काम्बोज ने कहा कि
हाल ही में जंतर मंतर पर कुछ छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जो न केवल सामाजिक मर्यादाओं के विरुद्ध है, बल्कि शहीदों के सम्मान के भी खिलाफ है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ जुड़ी होती है। जब भाषा की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो संदेश की गंभीरता कम हो जाती है और उसका प्रभाव नकारात्मक रूप ले लेता है।
शहीद उधम सिंह जी ने अपने जीवन में अनुशासन, संयम और उच्च आदर्शों का पालन किया। उनके नाम पर आयोजित किसी भी कार्यक्रम में यदि अशोभनीय भाषा का उपयोग किया जाता है, तो यह उनके आदर्शों का अपमान माना जा सकता है।



