राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से पहले नाला सुधार जरूरी, हर बरसात में दोहराता है संकट, (मानसून शुरू होते ही उफनाता है भानियावाला का नाला, प्रशासनिक कार्रवाई अब तक कागजों तक सीमित)
जौलीग्रांट (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला क्षेत्र के भानियावाला में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से पहले नाले के समुचित निर्माण और चौड़ीकरण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। मानसून की शुरुआत के साथ ही नाले के उफनाने की आशंका बढ़ गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है और सड़क पर जलभराव के कारण आमजन और दुकानदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय नागरिक व दुकानदार राकेश कुकरेती ने बताया कि थोड़ी सी तेज बारिश में ही नाले का पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे दुकानें प्रभावित होती हैं और ग्राहकों की आवाजाही रुक जाती है।
दुकानदार प्रदीप शर्मा का कहना है कि नाले की चौड़ाई और गहराई अपर्याप्त होने के कारण जल निकासी ठीक से नहीं हो पाती, जिससे व्यापार को नुकसान उठाना पड़ता है।
सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते नाले का सुधार कार्य नहीं हुआ तो भारी बारिश में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
वार्ड नंबर 10 के सभासद ईश्वर रौथान ने बताया कि नाले की समस्या को लेकर सिंचाई विभाग, नगर पालिका और अन्य संबंधित विभागों को कई बार मौखिक रूप से और पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके, अभी तक केवल फाइलों में ही प्रक्रिया चल रही है और धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से पहले नाले का निर्माण और सिंचाई विभाग कि नहर की पुलिया को चौड़ा किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि बरसात के दौरान पानी का बहाव सुचारु रूप से हो सके।
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर नाले और पुलिया के चौड़ीकरण का कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, जिससे हर वर्ष दोहराने वाले इस संकट से स्थायी राहत मिल सके।



